नवरात्रि की
जानकारी
जिवन में इक नये ऊरजा का संचार मनो नवरात्रि
मन में जीने की नयी चाह याने नवरात्रि
![]() |
| नवरात्रि |
नवरात्रि भारत के विभिन्न भागों में अलग ढंग से मनायी
जाती है। गुजरात में इस त्योहार को बड़े पैमाने से मनाया
जाता है। गुजरात में नवरात्रि समारोह डांडिया और गरबा के रूप में जान पड़ता है। यह पूरी रात भर
चलता है। डांडिया का अनुभव बड़ा ही असाधारण है। देवी के सम्मान में भक्ति प्रदर्शन
के रूप में गरबा, 'आरती' से पहले किया
जाता है और डांडिया समारोह उसके बाद। पश्चिम बंगाल के राज्य में बंगालियों के
मुख्य त्यौहारो में दुर्गा पूजा बंगाली कैलेंडर में, सबसे
अलंकृत रूप में उभरा है। इस अदभुत उत्सव का जश्न नीचे दक्षिण, मैसूर के राजसी क्वार्टर को पूरे महीने प्रकाशित
करके मनाया जाता है।
नवरात्रि माँ के अलग अलग रूपों को निहारने और
उत्सव
Nine colours of
Chaitra Navratri 2019
Navratri day
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Navratri date
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Navratri color
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1
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29th September 2019
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Orange
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2
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30th September 2019
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White
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3
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1st October 2019
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Red
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4
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2nd October 2019
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Royal Blue
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5
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3rd October 2019
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Yellow
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6
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4th October 2019
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Green
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7
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5th October 2019
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Grey
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8
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6th October 2019
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Purple
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9
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7th October 2019
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Peacock Green
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नवरात्रि पूजा की नौ देवियाँ प्रसिद्ध
वह निचे दी गयी हें:
1. शैलपुत्री – शैलपुत्री यानी पहाड़ो की रानी
2. ब्रमचारिणी – ब्रम्हचारिणी
3. चंद्रघंटा – चाँद की तरह चमकने वाला
4. कुष्मांडा – पूरा विश्व उनके पैरों में विराजमान हैं
5. स्कंदमाता – कार्तिक स्वामी की माता
6. कात्यानी – कात्यायन आश्रम में जन्म लेने वाले
7. कालरात्रि – काल का नाश करने वाली
8. महागौरी – सफेद रंग वाली माता
9. शिधिदात्री – सर्व सिद्धि देने वाली
2. ब्रमचारिणी – ब्रम्हचारिणी
3. चंद्रघंटा – चाँद की तरह चमकने वाला
4. कुष्मांडा – पूरा विश्व उनके पैरों में विराजमान हैं
5. स्कंदमाता – कार्तिक स्वामी की माता
6. कात्यानी – कात्यायन आश्रम में जन्म लेने वाले
7. कालरात्रि – काल का नाश करने वाली
8. महागौरी – सफेद रंग वाली माता
9. शिधिदात्री – सर्व सिद्धि देने वाली
·
Day 1 - Ghastasthapana -
Orange. ...
·
Day 2 - Dwitiya - White.
...
·
Day 3 - Tritiya - Red. ...
·
Day 4 - Chaturthi - Royal
Blue. ...
·
Day 5 - Panchami - Yellow.
...
·
Day 6 - Sashti - Green.
...
·
Day 7 - Saptami - Grey.
...
·
Day 8 - Ashtami - Purple.
मानाने का त्यौहार है। जैसे कोई शिशु अपनी माँ के गर्भ में ९ महीने रहता हे, वैसे ही हम अपने आप में परा प्रकृति में रहकर - ध्यान में मग्न होने का इन ९ दिन का महत्व है। वहाँ से फिर बाहर निकलते है तो सृजनात्मकता का प्रस्सपुरण जीवन में आने लगताहै।
नवरात्रि के पहले तीन दिन[
नवरात्रि के पहले तीन दिन देवी दुर्गा की पूजा करने के लिए
समर्पित किए गए हैं। यह पूजा उसकी ऊर्जा और शक्ति की की जाती है। प्रत्येक दिन दुर्गा के एक अलग रूप को
समर्पित है।
नवरात्रि
के चौथा से छठे दिन
व्यक्ति जब अहंकार, क्रोध, वासना और अन्य पशु प्रवृत्ति की बुराई
प्रवृत्तियों पर विजय प्राप्त कर लेता है, वह एक शून्य का
अनुभव करता है। यह शून्य आध्यात्मिक धन से भर जाता है। प्रयोजन के लिए, व्यक्ति सभी भौतिकवादी, आध्यात्मिक धन और समृद्धि eप्राप्त करने के लिए देवी लक्ष्मी की पूजा करता है। नवरात्रि के चौथे,
पांचवें और छठे दिन लक्ष्मी- समृद्धि और शांति की देवी, की पूजा करने के लिए समर्पित है। शायद व्यक्ति बुरी प्रवृत्तियों और धन पर
विजय प्राप्त कर लेता है, पर वह अभी सच्चे ज्ञान से वंचित
है। ज्ञान एक मानवीय जीवन जीने के लिए आवश्यक है भले हि वह सत्ता और धन के साथ
समृद्ध है। इसलिए, नवरात्रि के पांचवें दिन देवी सरस्वती की पूजा की जाती है।
सभी पुस्तकों और अन्य साहित्य सामग्रियों को एक स्थान पर इकट्ठा कर दिया जाता हैं
और एक दीया देवी
आह्वान और आशीर्वाद लेने के लिए, देवता के सामने जलाया जाता
है।
नवरात्रि
का सातवां और आठवां दिन
सातवें दिन, कला और ज्ञान की देवी, सरस्वती, की पूजा की है।
प्रार्थनायें, आध्यात्मिक ज्ञान की तलाश के उद्देश्य के साथ
की जाती हैं। आठवे दिन पर एक 'यज्ञ' किया
जाता है। यह एक बलिदान है जो देवी दुर्गा को सम्मान तथा उनको
विदा करता है।
नवरात्रि
का नौवां दिन
नौवा दिन नवरात्रि
समारोह का अंतिम दिन है। यह महानवमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन कन्या पूजन होता है। उन नौ जवान
लड़कियों की पूजा होती है जो अभी तक यौवन की अवस्था तक नहीं पहुँची है। इन नौ
लड़कियों को देवी दुर्गा के नौ रूपों का प्रतीक
माना जाता है। लड़कियों का सम्मान तथा स्वागत करने के लिए उनके पैर धोए जाते हैं।
पूजा के अंत में लड़कियों को उपहार के रूप में नए कपड़े पेश किए जाते हैं।
नवरात्रि
पर क्या खाये
![]() |
| नवरात्रि |
* खाना पकाने के लिये आम नमक के बजाय सेंधा नमक का उपयोग करना चाहिए.
* भुनकर उबालकर और भाप पिसने से जैसे खाना पकाने के तरीके का प्रयोग करें.
* इस मौके पर सिर्फ शाकाहारी खाना खाये.
* पहले कुछ दिनों तक फल ही खाये और अनाज को अपने खाने से दूर रखें.
* तले हुए और भारी खाना खाने से बिल्कुल दूर ही रहें इसी में आपकी भलाई हैं.
* नवरात्रि के मौके पर तो प्याज और लहसुन से वंचित रहें.
* भुनकर उबालकर और भाप पिसने से जैसे खाना पकाने के तरीके का प्रयोग करें.
* इस मौके पर सिर्फ शाकाहारी खाना खाये.
* पहले कुछ दिनों तक फल ही खाये और अनाज को अपने खाने से दूर रखें.
* तले हुए और भारी खाना खाने से बिल्कुल दूर ही रहें इसी में आपकी भलाई हैं.
* नवरात्रि के मौके पर तो प्याज और लहसुन से वंचित रहें.


नवरात्रि विशेष
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